क्या आप जानते है रविंदनाथ टैगोर के अद्भुत विचार

rabindranath tagore quotes in hindi – 
“प्रसन्न रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।”
रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“फूल एकत्रित करने के लिए ठहर मत जाओ। आगे बढ़े चलो, तुम्हारे पथ में फूल निरंतर खिलते रहेंगे।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“तथ्य कई हैं, लेकिन सच एक ही है।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप समंदर पार नहीं कर सकते।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“हम स्वतंत्रता तब हासिल करते हैं जब हम उसकी पूरी कीमत चुका देते हैं।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“बर्तन में रखा पानी हमेशा चमकता है और समुद्र का पानी हमेशा गहरे रंग का होता है। लघु सत्य के शब्द हमेशा स्पष्ठ होते हैं, महान सत्य मौन रहता है।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“उच्चतम शिक्षा वो है जो हमें सिर्फ जानकारी ही नहीं देती बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सद्भाव में लाती है।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“जब मैं खुद पर हँसता हूँ तो मेरे ऊपर से मेरा बोझ कम हो जाता है।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“संगीत दो आत्माओं के बीच के अन्तर को भरता है।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“चंद्रमा अपना प्रकाश संपूर्ण आकाश में फैलाता है परंतु अपना कलंक अपने ही पास रखता है।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“प्रेम ही एक मात्र वास्तविकता है, ये महज एक भावना नहीं है अपितु यह एक परम सत्य है जो सृजन के समय से ह्रदय में वास करता है।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“प्रेम अधिकार का दावा नहीं करता, बल्कि स्वतंत्रता प्रदान करता है।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“आईये हम यह प्रार्थना न करें कि हमारे ऊपर खतरे न आएं, बल्कि यह प्रार्थना करें कि हम उनका निडरता से सामना कर सकें।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर
“कला के मध्यम से व्यक्ति खुद को उजागर करता है अपनी वस्तुओं को नहीं। “
– रबिन्द्रनाथ टैगोर
“यदि आप सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर देंगे तो सच बाहर रह जायेगा।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“मैंने स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है. मैं जागा और पाया कि जीवन सेवा है. मैंने सेवा की और पाया कि सेवा में ही आनंद है.”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“कलाकार प्रकृति का प्रेमी है अत: वह उसका दास भी है और स्वामी भी।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“वे लोग जो अच्छाई करने में बहुत ज्यादा व्यस्त होते  है, स्वयं अच्छा होने के लिए समय नहीं निकाल पाते।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“आस्था वो पक्षी है जो भोर के अँधेरे में भी उजाले को महसूस करती है।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“जो कुछ हमारा है वो हम तक तभी पहुचता है जब हम उसे ग्रहण करने की क्षमता विकसित करते हैं।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“प्रत्येक शिशु यह संदेश लेकर आता है कि ईश्वर अभी मनुष्यों से निराश नहीं हुआ है।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“मित्रता की गहराई परिचय की लम्बाई पर निर्भर नहीं करती।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“मौत प्रकाश को ख़त्म करना नहीं है; ये सिर्फ भोर होने पर दीपक बुझाना है।”
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“फूल की पंखुड़ियों को तोड़ कर आप उसकी सुंदरता को इकठ्ठा नहीं करते।  “
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर 
“सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग एक ऐसे चाक़ू की तरह है जिसमे सिर्फ ब्लेड है। यह इसका प्रयोग करने वाले को घायल कर देता है।”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर
“आयु सोचती है, जवानी करती है.”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर
“कट्टरता सच को उन हाथों में सुरक्षित रखने की कोशिश करती है जो उसे मारना चाहते हैं.”
-रबीन्द्रनाथ ठाकुर

“मत कहो कि यह सुबह है, और इसे कल के नाम से ख़ारिज मत करो| इसे एक नए बच्चे की तरह देखो, जिसका अभी तक नाम भी नहीं रखा गया है”-

-रबीन्द्रनाथ ठाकुर

“जो व्यक्ति बहुत सारी वस्तुओं और सम्पति का स्वामी होता हैं, उसके पास डरने को बहुत कुछ होता हैं”-रबीन्द्रनाथ ठाकुर

“तितली महीने नहीं बल्कि क्षण गिनती हैं और इसीलिए उसके पास पर्याप्त समय होता हैं”-रबीन्द्रनाथ ठाकुर

जो मन की पीड़ा को सही तरह से नहीं बता पाता, उसी व्यक्ति को क्रोध ज्यादा आता है|

हर एक समस्या जिससे हम मुहं फेर लेते है, वो एक भूत बनाकर हमारा पीछा करती रहती है|

 उपदेश देना सरल है, पर उपाय बताना कठिन।

 जीवन हमें दिया गया है, हम इसे देकर कमाते हैं।

 

 धूल स्वयं अपमान सह लेती है ओर बदले में फूलों का उपहार देती है।

 

 पृथ्वी द्वारा स्वर्ग से बोलने का अथक प्रयास हैं ये पेड़।

 

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